पर हम रोते गए और वो हमें खुशी-खुशी रुलाते गए..!अब ना ही खूशी होती हैं ना ही किसी बात का दर्द है होता।Bhagwan ko kse khus rakha jata h muje nahi pta kya agrapati, chadar, kandl s ya phir bhajan gakr , … Read More